हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है, जब इस बीमारी का मुकाबला करने के लिए जागरूकता फैलाई जाती है.
निमोनिया एक ऐसा संक्रमण है जो एक या दोनों फेफड़ों के वायु कोशों में सूजन पैदा करता है. इसके परिणामस्वरूप, फेफड़ों में पानी, कफ या पस भर सकता है, जिससे खांसी, बलगम, बुखार, कंपन और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है.
निमोनिया के लक्षण

यह शिशुओं, छोटे बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं या कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ज़्यादा गंभीर होता है. संक्रमण के प्रकार के अनुसार, लक्षण मामूली या तीव्र हो सकते हैं. इसके मामूली लक्षण वैसे ही लग सकते हैं, जैसे सर्दी या ज़ुकाम.
- सांस लेने पर या खांसी होने पर छाती में दर्द
- खांसी में कफ या बलगम आना
- बुखार, ठंड लगना या कंपन
- मिचली, उल्टी, दस्त
- सांस फूलना
- गले में खराश
- गर्दन की लिम्फ नोड्स में सूजन
- भ्रम
- थकान और मांसपेशियों में दर्द
- बूढ़े लोगों, और स्वास्थ्य समस्याओं या कमजोर इम्यून सिस्टम से जूझते लोगों के लिए शरीर का तापमान सामान्य से कम होना
निमोनिया के कारण

बैक्टीरिया या वायरस या फंगस को सांस द्वारा अंदर लेना, अस्थमा, धूम्रपान, वेंटिलेटर का उपयोग, निरंतर बढ़ती फेफड़ों की बीमारियां या अन्य श्वसन संक्रमण के कारण निमोनिया हो सकता है. इस बीमारी को कीटाणुओं के प्रकार और संक्रमण के कारणों के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है.
- समुदाय द्वारा प्राप्त निमोनिया सबसे आम प्रकार है, जो अस्पताल, क्लिनिकों आदि के बाहर होता है.
- अस्पताल से प्राप्त निमोनिया, जहां मरीज़ किसी अन्य बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती होते हैं, लेकिन उन्हें निमोनिया भी हो जाता है.
- स्वास्थ्य सेवाओं से प्राप्त निमोनिया उन मरीजों में होता है जो किडनी डायलिसिस सेंटर सहित आउटपेशेंट क्लिनिक में स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करते हैं.
- एस्पिरेशन निमोनिया तब होता है जब लोगों के फेफड़ों में खाना, शराब या लार पहुंच जाते हैं. ऐसा आमतौर पर तब होता है जब आपकी उबकाई लेने की क्षमता में समस्या आती है. यह समस्या दिमाग में चोट, निगलने में कठिनाई या शराब का अत्यधिक सेवन करने के कारण हो सकती है.
- वॉकिंग निमोनिया निमोनिया का एक हल्का रूप है, जहां रोगी को पता भी नहीं चलता कि वह संक्रमित है. इसके लक्षण आम सर्दी ज़ुकाम के सामान होते हैं जो ठीक होने में एक हफ्ते से ज़्यादा समय लेते हैं.
निमोनिया की रोकथाम के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव
निमोनिया की रोकथाम के लिए कुछ कदम देखें:
- स्वच्छता का पालन करें. खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को नियमित रूप से धोएं और श्वसन संक्रमणों से सावधान रहें.
- धूम्रपान छोड़ें और अच्छी आदतें अपनाएं. धूम्रपान से कमज़ोर हो सकते हैं आपके फेफड़ेऔर श्वसन संक्रमण से लड़ने की उनकी प्राकृतिक क्षमता कम हो सकती है.
- अपने इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें. ज़रूरी है योग और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए.
- नियमित रूप से 7-8 घंटे की नींद लें और पर्याप्त आराम करें.
- फलों और सब्जियों, अनाज, प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर एक संतुलित आहार लें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीएं.
- अपने डॉक्टर से परामर्श करके निमोनिया के कुछ प्रकारों की रोकथाम के लिए टीका लगवाएं. सुनिश्चित करें कि 2 वर्ष से छोटे या 2-5 वर्ष के बीच की आयु के बच्चों को निमोनिया का टीका लग चुका हो. बच्चों और वयस्कों के लिए तो निमोनिया का टीका ज़रूरी है ही, साथ ही 19-65 वर्ष के ऐसे लोगों को भी यह टीका अवश्य लेना चाहिए, जो निम्नलिखित बीमारियों से पीड़ित हैं: डायबिटीज मेलिटस, श्वसन संबंधी बीमारियां जैसे अस्थमा या क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD), शराब से जुड़ी बीमारियां, ल्यूकीमिया या लिम्फोमा, क्रॉनिक दिल की बीमारी, क्रॉनिक लिवर रोग, ठोस अंग प्रत्यारोपण और इम्यूनोसप्रेशन के अन्य रूप.
Key Takeaways
- Symptoms of pneumonia include chest pain during breathing or coughing, as well as a cough that produces phlegm.
- Pneumonia can be either community-acquired or hospital-acquired.
- To prevent pneumonia, practice good hygiene, quit smoking, and exercise regularly.
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